दिल्ली की रैली में पीएम मोदी बोले- शाहीन बाग के पीछे साजिश, AAP और कांग्रेस नागरिकों को भड़का रही है



प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को दिल्ली के कड़कड़डूमा में चुनावी रैली को संबोधित किया। रैली को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने सीएए के विरोध में दिल्ली के शाहीन बाग में 51 दिनों से चल रहे प्रदर्शन को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह शाहीन बाग, जामिया और सीलमपुर में हो रहा प्रदर्शन संयोग नहीं, प्रयोग है। 
पीएम मोदी ने कहा कि जो लोग कोर्ट की बात नहीं मानते वह संविधान की बात करते हैं। उन्होंने कहा कि साजिशों को यहीं रोकना बहुत जरूरी है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि तिरंगे के सामने ज्ञान बांटा जा रहा है, हम दिल्ली में अराजकता नहीं छोड़ सकते हैं। उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि प्रदर्शन में हिंसा क्यों हो रही है।
पीएम मोदी ने कहा है कि ये सिर्फ एक कानून का विरोध होता, तो सरकार के तमाम आश्वासनों के बाद समाप्त हो जाता। लेकिन आम आदमी पार्टी और कांग्रेस नागरिकों को भड़का रहे हैं। संविधान और तिरंगे को सामने रखते हुए ज्ञान बांटा जा रहा है और असली साजिश से ध्यान हटाया जा रहा है। सीलमपुर हो, जामिया हो या फिर शाहीन बाग, बीते कई दिनों से सिजिटनशिप अमेंडमेंट बिल को लेकर प्रदर्शन हुए। क्या ये प्रदर्शन सिर्फ एक संयोग है। नहीं। ये एक प्रयोग है। इसके पीछे राजनीति का एक ऐसा डिजाइन है, जो राष्ट्र के सौहार्द को खंडित करने वाला है।
यही वो लोग हैं जो भारत के टुकड़े-टुकड़े करने की इच्छा रखने वालों को आज तक बचा रहे हैं। क्या दिल्ली के लोग ये भूल सकते हैं? इसकी वजह क्या थी? वोटबैंक की राजनीति, तुष्टिकरण की राजनीति। लेकिन याद करिए, जब इन्हीं हमलों के गुनहगारों को दिल्ली पुलिस ने बाटला हाउस में मार गिराया, तो उसे फर्जी एनकाउंटर कहा गया। यही वो लोग हैं जिन्होंने बाटला हाउस में आतंकियों को मारने पर दिल्ली पुलिस के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।
पीएम मोदी ने कहा है कि कुछ लोग 'राजनीति बदलने' आए थे, उनका नकाब अब उतर चुका है। उनका असली रंग, रूप, और मकसद, उजागर हो गया है। लेकिन याद है आपको जब सर्जिकल स्ट्राइक हुई थी? तब यहीं दिल्ली में देश की सेना पर, हमारे वीर जवानों को कठघरे में खड़ा कर दिया गया था। ये लोग शक कर रहे थे कि हमारे जवानों ने आतंकियों को घर में घुस कर मारा भी है या नहीं। ये लोग देश की सेना पर शक करें, उसका अपमान करें, क्या ऐसी दिल्ली चाही थी दिल्ली वालों ने। यही वो लोग हैं, जो कहते हैं कि पूर्वांचल से 500 रुपए का टिकट लेकर बिहारी आता है और लाखों का इलाज कराकर चला जाता है। पूर्वांचल के लोगों के प्रति, बिहार के लोगों के प्रति यही इनकी सोच है।

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